
गृह मंत्री अमित शाह ने एक बयान में कहा है कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और देश में रहने का अधिकार केवल नागरिकों को है। उन्होंने घुसपैठियों को देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी के लिए गंभीर खतरा बताया है। गृह मंत्री के इस बयान को फेसबुक पर साझा किया गया है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने देश की आंतरिक स्थिति और सुरक्षा के मद्देनजर यह बात कही है। इस संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के भीतर रहने का अधिकार सिर्फ वैध नागरिकों के पास ही है।
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